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आइए जानते हैं ब्लैक हॉल क्या है?
ब्लैक होल एक ऐसा ग्रविटेशनल ऑब्जेक्ट होता है जिसमें गुरुत्वाकर्षण इतना महास्थायी और शक्तिशाली होता है कि वह किसी भी वस्तु, भाग्यक्षय द्वारा भी, को अपने भीतर खींच लेता है, और किसी भी वस्तु को इसके अंदर से बाहर निकलना असंभव होता है।
इसका नाम "ब्लैक होल" इसलिए है क्योंकि यह आकार में एक काले दाग की तरह दिखता है और वह चाहे जितना भी प्रकाश को अपने पास निगल लेता है, इसलिए यह पूरी तरह से काला दिखता है।
ब्लैक होल के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु:
1. गुरुत्वाकर्षण की अधिकतम शक्ति: ब्लैक होल में गुरुत्वाकर्षण की शक्ति इतनी बड़ी होती है कि यह भूगर्भ को अपने भीतर खींच लेता है, जिससे वस्तुओं को बहुत ही अधिक तेजी से गति प्राप्त करना पड़ता है।
2. इवेंट हॉराइजन: यह वह सत्र्या सीमा होती है जो ब्लैक होल की सत्यक्ति से भिन्न होती है और इसे खो देने पर किसी भी वस्तु को ब्लैक होल के अंदर जाने से बचाती है।
3. हॉकिंस्-रेडियो का प्रस्पर्दन: ब्लैक होल के आस-पास ऐसे विशेष क्षेत्र होते हैं जिनमें इलेक्ट्रॉमैग्नेटिक रेडियो तरंगें उत्पन्न होती हैं और यह खैरात में ब्रह्मांड की जानकारी प्रदान करते हैं।
4. हॉकिंस् पैराडॉक्स: स्टीफन हॉकिंस ने ब्लैक होल के स्वरूप के संबंध में कई सिद्धांत प्रस्तुत किए, जैसे कि ब्लैक होल से रादिका विकराल विक्रमित राशियां भी निकल सकती हैं।
तारे से ब्लैक होल बनने के चरण कुछ इस तरह हो सकते हैं:
1. तारे के जीवनकाल: ब्लैक होल बनाने का प्रक्रिया तारे के जीवनकाल के अंत में घटित होता है। जब एक तारा में हाइड्रोजन जैसे ऊर्जा स्रोतों की समाप्ति होती है, तो तारे के केंद्र में गुदड़ाल कॉलप्स होता है।
2. सुपरनोवा: जब तारे के केंद्र में गुदड़ाल कॉलप्स होता है, तो यह तारा विशाल सुपरनोवा घटित कर सकती है, जिसमें तारे के बाहर की ओर बड़ी बड़ी ऊर्जा की धारा बाहर निकलती है।
3. सुपरनोवा के आवशेष: सुपरनोवा के आवशेष एक अत्यंत गर्म और ऊर्जा संचित भाग होते हैं जिन्हें न्यूट्रॉन स्टार या पुल्सर कहा जाता है।
4. न्यूट्रॉन स्टार के आगे के कॉलप्स: अगर न्यूट्रॉन स्टार की दबाव और गुदड़ाल कॉलप्स बड़े हद तक बढ़ते हैं, तो यह न्यूट्रॉन स्टार भी एक छोटे से ब्लैक होल में बदल सकता है।
5. ब्लैक होल बन जाना: जब न्यूट्रॉन स्टार का दबाव इस की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से हार जाता है, तो यह ब्लैक होल बन जाता है। इस चरण में, गुरुत्वाकर्षण इतना महास्थायी होता है कि वस्तु और रादिका भी इसके बड़े अंदर खींच ली जाती है।
इस प्रक्रिया में, तारे से ब्लैक होल बनते समय बहुत अद्वितीय गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा प्रक्रियाएँ घटित होती हैं, जिन्हें अध्ययन करना ब्रह्मांड विज्ञानियों के लिए महत्वपूर्ण है।
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